Sunday, April 13, 2008

मेरी छोटी बहन

hindi sexi stori
मैं guddu आज़ आपको 1 कहानी बताने जा रहा हूं। मेरी एक छोटी बहन है जिसका नाम रेखा है। उसकी उमर 18 साल की है मेरी उमर 20 साल की है। मेरी बहन की चूची काफ़ी सुडौल है, मेरी नज़र जब भी उसकी चूची पर जाती है तो उसे दबाने की इच्छा होती है। किन्तु मैं मां-बाप के डर के कारण कुछ नहीं कर सकता हूं। एक दिन घर में बहुत से मेहमान आ गये जिसके कारण सोने के जगह की कमी होने लगी। किसी तरह एडजस्टमेंट किया गया। मैं और मेरी बहन जमीन पर सो गये। रात में ठंड के कारण मेरी बहन मेरे से सत गयी, मैने भी मौके का फ़ायदा उठाते हुए उसकी चूची पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा, उसकी चूची काफ़ी हार्ड थी। चूची छूने के कारण मेरा लंड खड़ा हो गया। अचानक मेरी बहन की आंख खुल गयी और वो हमसे दूर हो गयी, दूसरे दिन सभी लोग मेहमान को घुमाने बाहर गये। मेरी बहन नहीं जा सकी क्योंकि उसका दूसरे दिन exam था। मैं भी घर में ही रह गया। दोपहर में खाने के बाद वो सो गयी, घर में सिर्फ़ मैं ही दोनो थे। उसको सोता देख कर उसकी बुर चोदने की इच्छा होने लगी किन्तु डर के कारण हिम्मत नहीं हो रही थी। मैं science का student हूं और practical के लिये chloroform लाया था। मैने chloroform को अपने रुमाल में डाल कर उसके नाक के पास ले गया, चूंकि वो गहरी नींद में थी इसलिये वो बेहोश हो गयी। मैने जल्दी से उसके कपड़े के ऊपर से ही उसकी चूची दबाने लगा। चूची दबाते दबाते मैं काफ़ी excited हो गया और उसके टोप को ऊपर कर उसके बरा को बाहर निकाल दिया उसकी दोनो खूबसूरत चूचियां मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी मैने उसको जोर जोर से दबाने लगा और उसका स्कर्ट ऊपर कर पैंटी भी निकाल दिया। अब मेरे सामने उसकी बुर एकदम नंगी थी। उसके उठे हुए बुर को देख कर बरदाश्त नहीं हुआ।

और मैने अपने सारे कपड़े उतार कर उसकी बुर पर अपना लंड रगड़ने लगा, बुर पर अपना लंड रगड़ने के बाद मैं अपना सुपाड़ा उसकी बुर के छेद पर रख कर हल्का सा झटका दिया। सुपाड़ा बुर में थोड़ा सा घुस गया। रेखा बेहोशी के बाद भी कराह उठी। काफ़ी कोशिश के बाद भी मेरा लंड बुर में घुस नहीं रहा था। ये सब करीब एक घंटे तक चलता रहा। chroroform का असर भी अब धीरे धीरे कम हो रहा था। मैने उसके बुर में एक झटका और दिया। उसके बुर से खून निकलने लगा और वो दर्द से कराह उठी, दर्द के कारण उसकी बेहोशी टूट चुकी थी। वो अपने आप को नंगा देख कर और बुर में लंड पा कर डर और घबरा गयी और रोने लगी और बोली भैया ये आप क्या कर रहे है, उसको जगा देख कर मैं भी घबरा गया किन्तु अब कुछ नही हो सकता था इसलिये उससे बोला। रेखा मेरी प्यारी बहन तुमको सोते देख कर और तुम्हारी चूची को देख कर मैं अपना होश खो बैठा और तुम्हारे साथ ये सब करने लगा। वो बोली मुझे छोड़ दो मैं सब मम्मी और पापा को बताउंगी। मैने काफ़ी मन्नत की किन्तु वो नहीं मानी और छुड़ाकर भागने की कोशिश करने लगी। मैं भी अपने आप को फंसता देख कर उसके बुर में एक जबरदस्त झटका दिया और मेरा 1/4 लंड उसकी बुर में घुस गया वो चिल्लाने लगी और लंड निकालने के लिये प्रार्थना करने लगी तो मैं बोला मैं लंड तभी निकालुंगा जब तुम किसी से नहीं कहने का वादा करोगी। वो नहीं मानी तो मैने एक झटका और दिया और मेरा थोड़ा लंड और उसके बुर के अंदर चला गया। वो दर्द से रोने लगी और मैं अपनी शर्त मनवाने पर तुला था। दर्द उसको बरदास्त नहीं हो रहा था इसलिये वो प्रोमिस की कि किसी से नहीं बतायेगी। तब जाकर मैने अपना लंड उसके बुर से निकाला। वो बैठ कर रोने लगी और अपने दोनो हाथों से अपनी चूची छुपाने लगी।

मैं उसके पास जाकर बोला अब तो तुम्हारी बुर में मेरा लंड जा ही चुका है तो तुम क्यों शरमा रही हो, बो बोली ये ठीक नहीं है। मैं बोला जवानी में सब ठीक होता है। शादी के बाद तुम तो किसी से चुदवाओगी ही तो आज़ क्यों नहीं और उसकी चूची को हल्के हल्के सहलाने लगा, धीरे धीरे उसको भी मज़ा आने लगा और चुप चाप चूची सहलवाती रही। मैने अपने लंड को उसके हाथों में दे दिया किन्तु उसने अपना हाथ हटा लिया और बोली ये मैं नहीं कर सकती हूं ये सब मैं सिर्फ़ अपने पति के साथ ही कर सकती हूं, तो मैं बोला चलो मैं ही तुम्हारा पति बन जाता हूं और मैने सिन्दूर उसकी मांग में जबरदस्ती भर दिया, उसने कहा भैया आपने ये क्या कर दिया, मैं बोला अब मैं तुम्हारा भाई नहीं तुम्हारा पति हूं, वो चुप रही तो मैने उसको अपनी गोद में उठा लिया और उसके चूची को चूसने लगा उसके बाद बेड पर लिटा कर उसकी बुर में धीरे धीरे अपना लंड डालने लगा अब वो विरोध नहीं कर रही थी, मैने उसको कहा अब मैं तुम्हारा पति हूं तुम मेरे लंड को चूसो वो मेरे लंड को चूसने लगी धीरे धीरे वो भी excited हो गयी तो मैने अपने लंड को काफ़ी कोशिश के बाद पूरा डाल दिया और करीब 1/2 घंटे तक चोदता रहा और अपना पानी भी उसके बुर में छोड़ दिया। उस दिन के बाद वो मुझे ही अपना पति मानती है और जब भी मौका मिलता है खूब चुदवाती है। एक दिन उसने बताया कि वो मां बनने वाली है। मैं घबरा गया और एक दिन प्लान बना कर उसको ले कर एक दूसरे शहर में आ गया। अब वो मेरी पत्नी की तरह रहती है और मेरे एक बेटे की मां है।

No comments:

Post a Comment

कामुक कहानियाँ डॉट कॉम

राज शर्मा की कहानियाँ पसंद करने वालों को राज शर्मा का नमस्कार दोस्तों कामुककहानियाँब्लॉगस्पॉटडॉटकॉम में आपका स्वागत है। मेरी कोशिश है कि इस साइट के माध्यम से आप इन कहानियों का भरपूर मज़ा ले पायेंगे।
लेकिन दोस्तों आप कहानियाँ तो पढ़ते हैं और पसंद भी करते है इसके साथ अगर आप अपना एक कमेन्ट भी दे दें
तो आपका कया घट जाएगा इसलिए आपसे गुजारिश है एक कमेन्ट कहानी के बारे में जरूर दे

460*160

460*60

tex ade

हिन्दी मैं मस्त कहानियाँ Headline Animator

big title

erotic_art_and_fentency Headline Animator

big title