Saturday, May 31, 2008

सफ़र का असली मजा

मेँ रीहाना खान हूँ. में २१ साल हूँ और Lucknow, में रहती हूँ. मेरी बेसट friend का नाम है सुम्मी. सुम्मी २२ साल की है. सुम्मी की बड़ी बेहेन की शादी हो चुकी है और वोह देल्ही में रहती है. मेरे एक्षम् हो चुके थे और में देल्ही में admission के लीये देल्ही आना छाती थी.

सुम्मी ने मुजसे से कहा की वोः भी देल्ही में अपनी बेहेन के यहाँ गरमी की छुट्टीया बीतना चाहती है. सुम्मी ने कहा की उस का एक classmate रवी भी देल्ही में admission के लीये देल्ही जाने वाला है इस्लीये हम दोनो ने देल्ही के लीये रेसेर्वेशन के लीये रवी को कह दीया. तीन दीन बाद जाना था. में अपना लगेज लेकर सुम्मी के घर गयी तू वोः मेरा इंतज़ार ही कर रही थी. आज सुम्मी बड़ी स्मार्ट लग रही थी.

में भी आज ख़ूब मकेउप करके आयी थी. हम ने आटो लीया और रेलवे स्टेशन को चल दीये. स्टेशन पर ट्रेन नही आयी थी और अभी देर थी. रात का सफ़र था और ट्रेन बीच में कही रूकती भी नही थी ईसलीए मैंने रवी से कहा की कोई मैगज़ीन ले आये रास्ता कटने के लीये.

वह कुछ बुक्स ले आया. १० मिनट बाद ट्रेन आयी तू हमलोग अपने कैबीन में बैठ गए. इस कैबीन में केवल ४ बर्थ थी तीन हमारी थी और एक कीसी और की होगी. कुछ देर बाद ट्रेन ने whistle दी और सरकने लगी तभी एक जवान खूबसूरत लम्बा सा आदमी कैबीन में आया. चौथी ब्र्थ उसी की थी. जब ट्रेन चल दी उसने डोर लाक कर दीया और अपनी ब्र्थ पर जाकर लेट गया. ट्रेन रफ़्तार ले रही थी. इस कैबीन में दो जवान लड़कीयाँ और दो जवान मर्द सफ़र कर रहे थे. मैं और रवी नीचे की ब्र्थ पर थे और सुम्मी और वह अजनबी ऊपर की ब्र्थ पर. मैंने रवी से मैगज़ीन मांगी तू उसने अपनी पोकेट से एक स्माल बुक नीकालकर देदी.

बुक के कवर पर ही एक जवान और खूबसूरत Girl की nude फोटो थी. पहले पहल तो मैं नंगी लडकी की तस्वीर देखकर हीच्कीचायी लेकीन फीर मेरे मॅन मैं उस बुक को अंदर से देखने की ललक जाग उठी. नंगे फोटो ने मेरे बदन मैं झुरझुरी पैदा कर दी थी. मैंने रवी को ग़ुस्से से देखा तू वह मुस्कराने लगा और खुद भी एक छोटी सी बुक नीकालकर पढने लगा. वह अजनबी भी newspaper पढने लगा. सीर्फ सुम्मी ही कुछ पढ़ नही रही थी बल्की वह उस अजनबी को घूर रही थी. ओह नो, जब मैंने वह बुक पढ़ना शुरू की तू मैं हैरान रह गयी. उसमें बहुत ही सेक्स चुदाई की स्टोरी थी जीसे पढ़कर मैं बैचेन हो गयी और पूरी स्टोरी पढ़ली.

उसमे लडकी के भाई के दोस्त भी लडकी को भाई के साथ मिलकर चोदते हैं. मैं स्टोरी पढते हुये होर्नी हो गयी और अपने एक हाथ को चुत पर लेजाकर चुत सहलाने लगी..... रात का समाया था अंधेरा हो गया था !! अपने हाथ को स्लवार के अंदर डालकर चुत सहलाते हुये clitoris को मसलने लगी..... मुझे लाग रहा था की सब सो चुके है क्योकि सब कुछ शांत था !!! फिर थोड़ी देर मे चुत से पानी लीक होने लगा था और मैं आँखें बंदकर मस्ती ले रही थी. तभी मुझे लगा की कोई मेरे कुरते के ऊपर से मेरे मम्मों को सहला रहा है. आंखें खोला तो वह कोई और नही बल्की सुम्मी का classmate रवी था. वह मेरे पास आकर घुटने के बल बैठकर मेरी चूची को मुँह मैं लेकर चुस रहा था और दुसरे हाथ से दूसरी चूची को दबाने लगा. उसे ज़रा भी डर्र नही था की कैबीन मैं और लोग भी है. मैं तो खुद मस्त थी ईसलीए रवी की गर्दन मैं हाथ डालकर उसे अपने चहरे पर झुका लीया.

अब उसके गरम लीपस मेरे लीपस से चीपक गए. ओह बड़ा ही मजेदार कीस था. रवी अपनी tounge को मेरे मुँह मैं डालकर कीस कर रहा था. मैं भी अपनी गुलाबी गरम जीभ(tounge) को उसके मुँह मैं डालकर चारो तरफ घुमाने लगी. हमलोगों के चुम्मा चाटी की आवाजें कैबीन मैं गूँज रही थी लेकीन हमें कीसी की परवाह नही थी. रवी ने मेरी कुर्ते के बटन को खोल दीया और मेरी संतरे के बरबेर छुचियों को नंगा कर दीया. फीर एक चोची को दोनो हाथ से पकड़कर दबाते हुये चूसने लगा. मैंने उसके सीर को हाथ से पकड़कर अपनी छुचियों पर दबा लीया ताकी वह सही से चूस सके. मस्ती मैं यह भी भूल गयी थी की सुम्मी और एक अजनबी आदमी ऊपर की ब्र्थ पर लेते हैं.

अब रवी मेरे नीप्प्ल को दबा दबाकर चुस रहा था और दूसरी चूची को दबा रहा था. मैं अपनी चूसी जा रही चूची को देख रही थी. एकाएक मेरी नज़र ऊपर की ब्र्थ पर चली गयी. ऊपर देखा तो हैरान हो गयी. सुम्मी शायद रवी को मेरे साथ मज़ा लेते देखकर जोश मैं आ गयी थी. वह उस जवान अजनबी के साथ लीपटी हूई थी. सुम्मी खुद उस अजनबी की ब्र्थ पर चली गयी थी और मेरी तरह उसके साथ मज़ा ले रही थी. वह अजनबी सुम्मी के गोरे बदन पर हाथ चला रहा था और सुम्मी अपनी तिघ्त चुचीयों को उसके चौड़े चेस्ट पर रगड़ रही थी.

उसने अपनी कुरते को खोलकर अलग कार दीया था और ब्र्थ पर कोने मैं दाल दीया था. सुम्मी उस के होंठों को अपने मुलायम होंठों मैं दबाकर चूस रही थी. तभी सुम्मी ने अपनी एक चूंची को मुँह पर रखकर दबाया तो वह अजनबी उसके नीप्प्ल को दबा दबकार्चूसने लगा. उसकी चूचीयां बहुत tight हो गयी थी और नीप्प्ल ताने थे. इधर रवी मेरी चुचियों को बारी बारी से चूस रहा था. मैं मज़ा लेती अपने हाथों से उसे पीला रही थी. मेरी चुत मेरी गोरी-गोरी जांघों के बीच गीली हो गयी थी और उससे चुत का रस टपक रहा था. ताभी रवी अपना एक हाथ नीचे लाया और मेरी स्लवार का एज़बंद खोलकर उसे सरका दीया और मैं नीचे से एकदम नंगी हो गयी. मेरी चुत जब नंगी हूई तो वह अपने हाथ से मेरी चुत पर उगी घनी घनी झाँतों को सहलाने लगा. मेरी झानतें चुत के पानी से भीग गयी थी .

तभी उसने अपनी ऊँगली मेरी चुत मैं डाली तो मैं बोल पडी"ओह रवी डारंलीग, बहुत मज़ा आ रहा है. प्लीज अपने लंड को मेरी चुत मैं पलकर फाड़ दो मेरी चुत को. हाय अपने लंड का पानी मेरी चुत को पीलाकर इसकी प्यास बुझा दो." चालाक छोकरा था. मुझे सिस्कर्ते देखकर समझ गया की लौंंडीया पेलने के लीये तैयार है. मेरी बेचैनी देखकर वह मुस्कराने लगा. वह मुझसे अलग हुआ और अपने कप्रे उतरने लगा. जब वह नंगा हुआ तो उसका , मोटा लम्बा लंड आजाद होकर फुदकने लगा. पहले तो मैं सुम्मी की वजह से डर्र रही थी पर सुम्मी खुद हुम्दोनो को आपस मैं उलझे देखकर उस अजनबी जवान के साथ लीपटी थी. सुम्मी की तरफ से मेरा डर और शरम ख़त्म हो गयी थी. फीर मैंने उसके हार्ड लंड को पकड़ा तो मेरा बदन कापने लगा. उसके लंड को सहलाते हुये अपनी चूचीयों को दबवा रही थी. उसका लंड चीप्चीपा गया था जीससे मेरी उँगलीयाँ भी लास्लासा गयी और मेरा मॅन उसके प्रेचुम को चाटने का हुआ तो मैं बोली"ओह रवी मैं तुम्हारे लंड को अपने मुँह मैं लेकर चूसना चाह्ती हूँ.

इसका रस चाटना है मुझे." मेरी बात सुनकर वह अपना लंड मेरे गुलाबी गालों पर राग्डने लगा. गाल पर गरम लंड का टच मुझे सीह्राने लगा. इतने पास लंड को देखकर मेरी प्यास बढ़ी तो मैंने लीपस खोल दीये तो रवी ने अपना लंड मेरे मुँह मैं दाल दीया. उसका लंड इतना मोटा था और केवल उप्पेर का हिस्सा ही अंदर गया. मैं उस पर लगे नमकीन रस को चाटने लगी तो रवी अपने लंड को इन आउट करते मेरे मुँह को चोदने लगा. मैं भी उसके लंड पर अपना मुँह दबा दबाकर उसका लंड चूस रही थी. तभी वह उठा और मेरे मुँह से लंड नीकालकर मेरी टांगों के बीच आ गया. उसने मेरी जाँघों को फैलाया और बीच मैं बैठ गया. उसने मेरे पैरों को अपने कंधे पर रख लीया जीससे मेरी चुत उसके लंड से टच करने लगी. मेरी चुत लंड के लीये बेक़रार थी पर वह अपने लंड को चुत के चारो तरफ रगड़ने लगा. कुछ देर बाद लंड को चुत के छेद पर लगाकर दबाया तो १/४ लंड मेरी गीली चुत के अंदर चला गया.

लंड अंदर जाते ही मैंने अपने पैरों से रवी की गर्दन कास ली और उसके पूरे लंड को खाने के लीये क़मर को उछलने लगी. मेरा मॅन रवी के पूरे लंड को नीगालाने को हो रहा था. चुत मैं लंड जाते ही रवी लंड को धक्का देने लगा और मैं चुत को उसके मोटे लंड से चीपकाने की कोशीश करने लगी. हर धक्के के साथ लंड मेरी tight चुत मैं पीस्टन की तरह जाने लगा. मुझे हलके दर्द के साथ जन्नत का मज़ा मीलने लगा. अब रवी धक्का लगते हुये मेरी रसीली चुत मैं अपने मोटे लंड को पेल रहा था. तभी मेरी नज़र ऊपर की ब्र्थ पर चली गयी. सुम्मी और वह अजनबी एकदम नंगे थे. सुम्मी उस अजनबी के ऊपर लेटी थी और चुत को उसके खडे लंड पर दबाकर रगड़ रही थी. फीर सुम्मी ने उसके लंड को पकड़कर अपनी चुत के सेंटर पर लगाकर क़मर को दबाया तो उसका लंड सुम्मी की चुत मैं सरकने लगा. सुम्मी उसके लंड को खाने के लीये क़मर उछल उछल कर धक्के लगाने लगी.

उसके नाज़ुक बदन का भार उस अजनबी के ऊपर था जीससे उसकी बड़ी बड़ी चुचीयां उसके मुँह से रगड़ खा रही थी. अब वह अजनबी उसकी एक चूची को मुँह मैं लेकर चूसते हुये दूसरी को मसल रहा था और सुम्मी की क़मर को अपने पैरो से जकड कर नीचे से धक्का लगा रहा था. तभी सुम्मी की नज़र मुझसे मीली तो उसने मुस्कराने की कोशीश की पर मस्ती की वजह से मुस्करा ना पायी. वह उस अजनबी से चुदवाने मैं बीजी थी. सुम्मी का चुताड उसके लंड पर फीराकी की तरह नाच रहा था और उसकी चुत मैं लंड फाचा फाच अंदर बहार हो रहा था. सुम्मी अपनी चुचीयों को चुसवाते हुये धचाधाच लंड को चुत मैं ले रही थी.

उसकी चुत से चुदाई का पानी बह रहा था. उसके आंखें लाल हो गयी थी और वह मदहोशी के आलम मैं चिल्ला रही थी"ओह ओह डारंलीग मेरे रजा बहुत मज़ा आ रहा है." वह कराहते हुये बोल रही थी. उसे ज़रा भी होश नही था की कैबीन मैं और लोग भी हैं. मैं समझ गयी की वह खल्लास होने वाली है. वह बड़ी तेज़ी से अपनी गांड उठा उठाकर धक्के लगा रही थी. तभी एक ज़ोरदार धक्के के साथ सुम्मी उस अजनबी के ऊपर गीर्कर उससे चीपक गयी. मैं समझ गयी की उसकी चुत ने चुत रस छोड़ दीया है. उस अजनबी ने उसे कसकर अपने बदन से चीपका लीया था. सुम्मी उससे चीपकी ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी. इधर रवी अपने लंड को जड़ तक मेरी चुत मैं पलकर धक्के लगा रहा था. वह अपने पूरे लंड को बहरकर करारे धक्के के साथ चुत के अंदर तक पेल रहा था. मैं अपने पैरों से उसके कंधे को जकदते हुये उसकी गांड के छेद को कुरेद रही थी. उसकी मस्ती भी बड़ा रही थी. मैंने एक चूची को हाथ से पकड़कर उसे चूसने का इशारा कीया तो वह अपने मुँह को चूची पर लाया और फीर ख़ूब सा थूक उस पर गीराया और फीर जीभ से उसे पूरी चूची पर लगाने लगा. फीर दोनो चुचीयों पर थूक लगाकर एक को मसलते हुये दूसरी को चूसने लगा.

नीप्प्ल को फीनगर से चुटकी ले रहा था जीससे मैं जन्नत मैं थी. तभी सुम्मी उस अजनबी के बदन से अलग हूई और वी दोनो हमलोगों के पास आ गए. उस अजनबी का लंड अभी भी tight था और उसपर सुम्मी की चुत का गाढा रस लगा था. तभी उस अजनबी ने रवी के पीछे आकर उसके चुत्ड़ को सहलाया और फीर एक ऊँगली रवी की गांड मैं पेल दी. एकाएक गांड मैं ऊँगली जाने प रवी दर्द से कराह उठा और मेरी चूची उसके मुँह से बहार हो गयी. वह अजनबी रवी के दर्द की परवाह ना कर उसकी गांड को फीनगर फक करने लगा. तभी सुम्मी एकदम नंगी ही मेरे पास आयी और रवी के थूक से भीगी मेरी चुचीयों को चाटने लगी. अब कैबीन मैं चारो लोग एक दुसरे से उलझे थे. अब वह अजनबी अपने हैवी लंड को धीरे धीरे रवी की गांड मैं पेल रहा था और रवी का लंड मेरी रीस रही चुत मैं उस अजनबी के धक्के के साथ आ जा रहा था. सुम्मी मेरी चुचीयों को मज़ा दे रही थी और मैं उसकी चुत पर लगे चुदाई के पानी को ऊँगली मैं ले लेकर चाटने लगी. जब उस अजनबी का पूरा लंड रवी की गांड मैं चला गया तो वह गांड मरने लगा और मैं उसके हर धक्के के साथ नीचे से अपनी गांड उचका उचककर रवी के लंड को नीगल रही थी.

कैबीन मैं हम चारो की आवाजें गूँज रही थी जीससे बड़ा ही अनोखा मूसीक बन रहा था. सुम्मी को चोदने मैं वह अजनबी झाड़ा नही था ईसलीए वह रवी की गांड मैं झरने को बेक़रार था. काफी देर बद रवी का गढा पानी मेरी चुत मैं गीराने लगा तो मैंने उसकी गर्दन को मजबूती से अपने पैरो मैं जकडा और खुद भी झडने लगी. इधर वह अजनबी भी रवी की गांड मैं अपना रस छोड़ने लगा. रवी गांड मैं गरम पानी महसूस कर काँपने लगा. मैंने झडते हुये सुम्मी के सीर को अपनी चुचीयों पर कास लीया था. हम सभी झडने के बद सुस्त परे थे. कुछ देर बद उस अजनबी ने अपना लंड रवी की गांड से बहार कीया तो रवी भी मुझसे अलग हुआ.

मेरी चुत से रवी के लंड का रस बहार आने लगा और उसकी गांड से भी रस बहार गीरने लगा. सुम्मी ने मेरी चुत साफ की और फीर मैं और सुम्मी कपडे पहनकर टॉयलेट चले गए. वह जाकर हुम्दोनो ने पेशाब कीया और बीना कुछ बोले वापस आये. जब कैबीन मैं वापस आये तो वी दोनो कपडे पहनकर आपस मैं गपशप कर रहे थे. रवी ने उस अजनबी का इन्त्रोदुक्शन देते हुये कहा "रीहाना डारंलीग यह . नोहीत हैं. यह एक सोफ्टवेय्र इंजीनीयर हैं और देल्ही तक जा रहे है. और डारंलीग यह हमलोगों का साथ देल्ही तक देंगे." "ओह मर. नोहीत आपसे मीलकार बहुत ख़ुशी हूई. ओह रवी यह बहुत ही दमदार आदमी लगते है." मैं मस्त होकर बोली. ट्रेन अपनी रफ्तार से चली जा रही थी. हमलोग आपस मैं गपशप करते और साथ मैं चेड्खानी भी कर रहे थे. अब हमलोग नीचे की ब्र्थ पर ही थे. एक पर मैं रवी के ऊपर लेती थी और दूसरी ब्र्थ पर सुम्मी नोहीत के ऊपर लेती थी.

रवी मेरी चुचीयों को छेड़ रहा था जबकी नोहीत सुम्मी की गांड सहला रहा था. हमलोग एक दुसरे को देखकर मुस्करा भी रहे थे. रात के २ बज रहे थे. अब रवी मेरे गालों को चूमते हुये मेरी चुत के घने बालों को सहला रहा था और सुम्मी नोहीत के लंड को सहला रही थी. नोहीत भी उसके मम्मो को मसल रहा था जीससे वह सीसक रही थी. तभी मेरा दील नोहीत के लंड के ख़याल से सुलग उठा. उसका लंड रवी के लंड से काफी तगड़ा था. रवी के लंड का मज़ा तो ले ही चुकी थी अब मेरा मॅन नोहीत के लंड से चुदवाने को बेक़रार हो गया. यह ख़याल आते ही मैं बोली"मेरा ख़याल ही की अब हमलोग अपने अपने साथी बदल ले?" मेरी बात सुनकर नोहीत मुझे घूरने लगा. उसके घूरने के अंदाज़ से मैं समझ गयी की वह भी मेरी जवानी को चखना चाहता है.

मैं उसके घूरने पर मुस्कराती हूई ब्र्थ से उठी तो वह फौरन मेरे पास आया और चीपकाकर चूमने लगा. उसका कीस मुझे मदहोश कर गया और मैं उससे चीपक गयी. रवी और सुम्मी एक ब्र्थ पर चुपचाप बैठे हम्दोनो को देख रहे थे. मैं नोहीत के साथ ख़ूब आह ऊह कर सीसीयाते हुवे मज़ा ले रही थी. हम्दोनो एक दुसरे को लीपस पर कीस कर रहे थे. नोहीत मेरे नाज़ुक बदन को भींचकर मेरे लीपस चूमते हुये मेरी कुरते को अलग करने लगा. मुझे इस वक़्त कपडे बहुत भारी लग रहे थे. नंगे होकर ही चुदाई का मज़ा आता है. कुछ देर मैं नोहीत ने मुझे नंगा कर दीया और मेरी गोरी गोरी चुचीयों को मेरे पीछे से चीपक कर पकड़ लीया और दबाने लगा. इस तरह से उसका लंड गांड पर चीपका था और मेरी सनसनी इनक्रीस करने लगी. मैंने रवी और सुम्मी को देखा तो वी अलग अलग बैठे हमें ही देख रहे थे. अब नोहीत अपनी ऊँगली को मेरी चीपकी जांघों पर लाकर मेरी चुत सहलाने लगा था. तभी उसने मेरी clitoris को मसला तो मेरी चुत ने जोश मैं आकर पूचह से पानी बहार फ़ेंक दीया. मैं मस्त होकर चुत मैं लंड डलवाने को बेक़रार हूई तो नोहीत के कपडे खोलकर उसे भी एकदम नंगा कर दीया. ओह अल्लाह, पैंट अलग होते ही नोहीत का लंड फुदकने लगा. एकदम iron रोड की तरह लग रहा था. उसका लंड अपने हाथ मैं लेकर मैं सहलाने लगी. सच, रवी के लंड से काफी बड़ा था. मैं हाथ से मुठीयाने लगी तो नोहीत मेरी चुत को फीनगर फक करने लगा.

कुछ देर बद नोहीत नीचे बैठा और अपना चेहरा मेरी जांघों के बीच ला मेरी चुत पर जीभ फीराने लगा. ओह... चुत चुस्वाने पर मैं गांगाना उठी. वह अपनी जीभ को चुत के चारो तरफ फीराकर चाट रहा था. मेरी झांतो को भी चाट रहा था और मैं अपनी जांघों को फैलाती चली गयी. उसके थूक से मेरी चुत भीगी थी और वह clitoris को मुँह मैं लेकर चूस रहा था. रवी और सुम्मी अभी भी चुपचाप हुमदोनो को देख रहे थे. मैं सुम्मी से बोली"अरे सुम्मी तुम क्या हमलोगों को ब्लू फील्म की तरह देख रही हो? अरे क्यों मज़ा खराब कर रही हो. तुमको लंड की ज़रूरत है और रवी को चुत की. तुम रवी के लंड का मज़ा लो." मेरे बोलने का असर उनदोनो पर हुआ. उनदोनो ने एक दुसरे को देखा फीर रवी उठकर सुम्मी के पास गया और उसके गाल को चूम लीया. सुम्मी गाल पर कीस पाकर मस्त हो गयी और खाडी होकर रवी से चिपककार उसके लीपस चूमने लगी. मैंने नोहीत की चहरे को अपनी चुत पर दबाया और उन्दोनो को देखने लगी. व्हो भी अब एक दुसरे से लीपते थे. रवी जम्पर के अंदर हाथ डालकर सुम्मी की चुचीयों को पकड़े था और सुम्मी रवी के लंड को. अगले कुछ ही वक़्त मैं रवी ने सुम्मी को एकदम नंगा कर दीया.

सुम्मी की चुत पर घुंघराले बाल थे जिनको रवी ऊँगली से सहलाने लगा. सुम्मी ने रवी के लीये अपनी जाँघों को फैलाया हुआ था. तभी रवी ने उसे उठाकर ब्र्थ पर लिटा दीया. तब सुम्मी ने दोनो पैरो को चौड़ा किया तो नोहित की तरह रवी भी उसकी चुत पर झुकता चला गया. रवी अपनी जीभ नीकालकर सुम्मी की चुत को चाटने लगा. सुम्मी के पैर मेरी तरफ होने की वजह से नज़ारा एकदम कलेकर मील रहा था. सुम्मी क़मर उछालकर च्टवा रही थी. फीर रवी ने अपनी जीभ सुम्मी की चुत मैं पेल दी और सुम्मी को tounge फक करने लगा. सुम्मी अपनी चुत को रवी की जीभ पर नाचने लगी. सुम्मी की चुत के नमकीन रस को रवी मज़े से चाट रहा था. इधर नोहीत भी रवी की तरह मेरी चुत के Pink होउल मॆं अपनी जीभ पलकर मुझे tounge फक कर रहा था. रवी की तरह नोहीत ने भी मेरी टांगो को फैलाया हुआ था. मैं जब बेक़रार हो गयी तो बोली"ओह नोहीत डारंलीग अब चुत को चूसना खतम करो और मेरी चुत मैं अपना लंड डाल दो नही तो मैं मर जाउंगी. आह जल्दी चोदो मुझे." मेरी बात सुनकर नोहीत ने अपने लंड को मेरी चुत पर सटकर एक करारा शोट मारा तो उसका लंड मेरी चुत को फाड़ता हुआ अंदर जाने लगा. दर्द हुआ तो मेरे मुँह से नीकल पड़ा"हाय रजा आराम से.

ओह तुम्हारा तो रवी से बहुत मोटा है. ज़रा धीरे धीरे पेलो डारंलीग मैं कही भागी नही जा रही हूँ." नोहीत मेरी बात सुनकर रूक गया और मेरी चुचीयों को दबाने लगा. वह लंड को मेरी चुत मैं डाले दोनो मम्मो को दबा रहा था. कुछ देर बद दर्द कम हुआ और मज़ा आया तो मैं नीचे से गांड उचकने लगी. वह मेरी क़मर के उछल को देखकर समझ गया और धक्के लगाने लगा. कुछ पल मैं ही उसका लंड मेरी चुत की तह मैं ठोकर मरने लगा. नोहीत के साथ तो अनोखा मज़ा आ रहा था. उसके पेलने के अंदाज़ से ज़हीर हो रहा था की वह चुदाई में माहीर है. वह मेरे मम्मो को दबाते हुवे चुत की तेह तक हमला कर रहा था. मैं होश खो बैठी थी. उधर चुत चूसने के बाद रवी सुम्मी की चुचीयों को चूस रहा था. सुम्मी अपने हाथ से अपने मम्मों को रवी को चूसा रही थी. सुम्मी ने रवी के कपडे अलग कर दीये थे और उसके लंड को मुठिया रही थी. वह मेरी ऊर देखकर बोली"ओह रवी देखोना नोहीत और रीहाना को कैसे मज़े से चोद रहा है. तुम भी अब मुझे तर्सऔ नही और जल्दी से मुझ को चोदो." रवी ने सुम्मी के पैरो को अपने कंधे पर रखकर लंड को उसकी चुत पर रगड़ना शुरू कीया तो सुम्मी बोली "ओह्ह हाय मेरे रजा, क्यों मुझे को तडपा रहे हो. हाय जल्दी से मुझ को चोद दो."

रवी ने अपने लंड को उसकी चुत पर लगा धक्का लगाया तो चौथाई लंड उसकी चुत मैं चला गया. सुम्मी ने उसके चूतादो को दबाते हुवे कहा"येस येस डालो. पुरा डालकर चोदो." वोः दोनो एक दुसरे के ओप्पोसीट धक्के लगाने लगे और इस तरह रवी का पुरा लंड सुम्मी की चुत मैं चला गया. सुम्मी की चुत के बाल उसके लंड के चारो ऊर फेल गए थे. रवी पुरा पलकर उसके मम्मो को मसलने लगा था. इधर नोहीत मेरी चुत मैं अपने मोटे लंबे लंड को पुक्कक्क पुक्क अंदर बहार कर रहा था और मैं हर धक्के के साथ सिसक रही थी. रवी से चुदवाने से ज़्यादा मज़ा मुझे उस अजनबी नोहित के साथ आ रहा था. मैं चुद्वाते हुये दूसरी ब्र्थ पर भी देख रही थी. रवी मम्मों को मसलते हुये सुम्मी की चुत को चोद रहा था और वह नीचे से क़मर उचकते हुये रवी की गांड को कुरेद रही थी. अब रवी सुम्मी की चुचीयों को मुँह मैं लेकर चूसते हुवे तेज़ी से चुदाई कर रहा था. सुम्मी मदहोशी मैं बोली"ओह रवी मेरे यार बहुत मज़ा आ रहा है. हाय और ज़ोर से चोदो. पुरा जाने दो फाड़ दो मेरी चुत. चीथड़े उड़ दो." सुम्मी पूरे जोश मैं अपनी क़मर उचककर लंड का मज़ा ले रही थी. मैं उन्दोनो की चुदाई का नज़ारा करते नोहीत से चुद्वा रही थी. नोहीत ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा तो मुझे एसा लगा की मेरी चुत से पानी नीकल पड़ेगा.

एसा महसूस करते ही मैं नोहित से बोली"आह नोहित डारंलीग मेरा निकलने वाला है. रजा मेरी हेल्प करो तुम भी मेरे साथ ही अपनी मलाई मेरी चुत मैं ही निकालो." नोहित पर मेरी बोली का असर हुआ और वह तेज़ी से चुदाई करने लगा. कुछ देर मैं ही मेरी चुत से फव्वारा चलने लगा और मेरे साथ ही नोहित के लंड की पिचकारी भी चल दी. उसकी पिचकारी ने गरम पानी से मेरी चुत भर दी. जब मेरी चुत भर गयी तो मलाई चुत से बहार निकलने लगी. झड़ने के बाद हम्दोनो एक दुसरे लीपताकर उखड़ी साँसों को दुरुस्त करने लगे. मेरा ध्यान फीर सुम्मी की तरफ गया. सुम्मी मदहोशी मैं कराह रही थी और कमा को हवा मैं लहराते हुवे रवी से चुद्वा रही थी. कुछ देर बाद जब नोहीत अलग हुआ तो मैं उठकर सुम्मी के पास गयी. मेरी चुत लंड के पानी से चीप्चीपा गयी थी और नोहीत के लंड ने इतना ज़्यादा पानी उगला था की जान्घे तक भीगी थी. मैं ऐसे ही सुम्मी के पास गयी और उसको लीपस पर कीस करने लगी.

सुम्मी ने मेरी गर्दन दो अपने हाथो से पकड़ लीया और मेरे सीर को अपनी चुचीयो पर लाने लगी. मैं समझ गयी की वह अपनी चुचीयो को चुस्वाना चाहती है. मैं उसके एक माम्मे को मुँह मैं लेकर चूसने लगी. उसकी एक मोटी मोटी चूची को चूसते हवे मैं दूसरी को दबाने लगी. सुम्मी चुत्ड़ तेज़ी से उठाने गीराने लगी और रवी भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा. २०-२२ धक्को के बाद सुम्मी की गांड रूक गयी. उसकी चुत से पानी गीरने लगा था. रवी ने भी दो चार धक्के और लगाए और सुम्मी के ऊपर लेटकर लंबी लंबी साँसे लेने लगा. उसका लंड भी गरम लावा नीकल रहा था. रवी अपनी क्लास्स्मेट की चुत मैं अपने लंड का माल उन्देल रहा था.

वोः दोनो काफी देर तक सुस्त होकर एक दुसरे से चिपके रहे. फीर वोः अलग हुवे तो मैंने सुम्मी की और अपनी चुत साफ की फीर दोनो के ढीले लडों को भी साफ कीया. फीर हमलोग अलग होकर सोने चले गए. मुझे नीद नही आ रही थी. मेरी आंखों के सामने दोनो के लंड नाच रहे थे. नोहीत का देल्ही मैं अपना फ़्लैट था और व्हो उन्मर्रिएद् था. उसने रवी और मुझ को अपने फ़्लैट मैं रुकने को कहा तो मैं तैयार हो गयी. सुम्मी अपनी कजीन के घर चली गयी. नोहीत ने उसको भी अपनी details देदी. नोहीत के फ़्लैट पर उस ने मुझे फीर चोदा


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........raj.........

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