Sunday, May 25, 2008

पडोसी का फ़र्ज़

Hi friends, I m दीपक, मैं मुंबई मे रहता हूँ ओर मेरे घर के पास मे ही एक घर मे छोटा सा क्लीनिक है, क्लीनिक नीच है ओर उपर के हिस्से मे क्लीनिक के डाक्टर रहते है, उनका नाम सुनील है, उनके उम्र कोई ३०-३२ के आस पास होगे, उनके पहले एक शादी हो चुके थी लेकीन उनके बीच मे divorce भी हो चुक्का था

अभी १ साल पहले उन्होने दुसरी शादी की है अपने पसंद से, उनके wife सच मे बहुत खूबसूरत है, क्योंकी उनका घर मेरे घर के बगल मे ही है तो मैं अक्सर उनको देख हे लेता हूँ, शादी के बाद ४-६ महीने तक तो वो घर से बहार आती ही नही थी लेकीन धीरे धीरे आने लगे है,
उनके घर मे husband wife ओर एक नोक्रानी रहते है, सुनील कहने को है तो डाक्टर लेकीन बहुत ही पतले दुबले आदमी है, ओर उनकी wife उनकी oppisit है उनका जीस्म बहुत ही healthy है, ओर उनके Boobs की उचाईयां उनकी खूबसूरती को ओर भी बड़ा देते है. चुकी वो घर के बगल मे रहते थी इसलिए बात चीत तो होते ही रहते थी, मैं उन्हें स्वाती भाभी कहता था.

शादी के कुछ दीनो तक तो सब कुछ नॉर्मल था लेकीन कुछ ही time के बाद उन दोनो मे टेंशन होने लगे थी. हां एक बार ओर बता दूं की उनकी छत मेरे छत के बराबर है लेकीन उनके छत पर भी एक रुम बाना हुआ है, अभी ३ महीने पहले की बात है गरमियों मे हमलोग छत के उपर सोने चले जाते थे, एक दीन मैं जब छत पर सोने गया तो देखा की बगल की छत पर डाक्टर साहीब की wife (उनका नाम स्वाती था) छत पर खडी थी, ustime उन्होने nighty पहन रखे थी, बहुत हलकी nighty थी, जिससे उनके सरीर के अंदर भी देखा जा सकता था, लेकीन छत पर रौशनी कम होने की वजह से मैं उनके शारीर को ठीख से देख नही पा रह था.

तब मैं उनसे पूछ की- स्वाती भाभी खाना खा लीया आपलोगों ने! तो उन्होने कहा- हां खाना तो हो गया है बस सोने की तयारी हो रहे है, तब मैंने पूछा की क्या आप लोग छत पर ही सोते है. तब उन्होने कहा- हां, कभी कभी जब गरमी जयादा होते है तो छाते पर ही सोते है. मैं कहा की सुनील भाई कहा है क्या वो नीचे है या कही गए है, तो उन्होने कहा की वो तो अपने सिस्टर के याहा गए हुए है वो कल मोर्नींग मे आएंगे, तब मैंने कहा तो क्या आप घर मे अकेले है… बोले-हां, तब मैंने कहा की क्या आपको अकेले डर नही लगता है… तब स्वाती भाभी ने कहा की नीचे डर लग रह था तो छत पर चले आये, ओर अब नींद भी नही आ रही है… मैंने कहा नींद तो मुझे भी नही आ रही है, तब उन्होने कहा की मेरे छत पर आ जाये थोड़े देर बैठ कर बाते करते है उसके बाद जब नींद आने लगे तो चले जाएगा… ओर मैं उनके छत पर चला गया.

उन्होने रुम के अंदर से एक फोल्दींग बेड निकला ओर कह की बैठये, बैठ कर बाते करते है. ओर मैं फोल्दींग बेड पर बैठ गया. वो मेरे बगल मे आकर बैठ गए ओर हम लोग पहले तो ऐसे ही बाते करते रहे, फीर अच्चानक उन्होने पूछ की ये बताइए आप की कीत्ने Girl फ्रीएँड्स है, मैंने कहा – की अगर सच बताऊ तो मेरे Girl फ्रीएंद एक भी नही है, तब उन्होने पूछा की- इसका मतलब आपने कभी लाइफ मे ऎन्जॉय नही कीया है, मैंने कहा नही ऐसे बात नही है, लाइफ मे ऎन्जॉय तो बहुत कीया है. तो फीर वो बोले कीस तेरह का ऎन्जॉय कीया है जरा हमे भी तो बताये- उनके सवाल को सुनकर मैं थोडा शर्म गया ओर अपना सर नीचे झुका लीया, तो बडे प्यारे से मेरे सर पर हाथ फारते हुए कहा- अरे तुम तो मुझसे सहर्मा राहे हो, तुम तो मुझे भाभी कहते हो तो फीर मुझसे कैसे शर्म… उनका हाथ धीरे धीरे मेरे सर से मेरे गालो पर आ गए थी वो बडे प्यार से मेरे गालो पर अपना हाथ फेरे रही थी, उनके हाथ बहुत ही सॉफ्ट थी, जब उन्होने मेरे गालो को touch कीया तो मेरे अंदर एक अजीब से सनसनी होने लगे ओर मैं थोडा सा पीछे हटकर बैठ गया ओर समझ गए की मैं शर्म रह हूँ, तब उन्होने फीर पूछा की क्या आपने कभी कीसी लडकी या औरत को नंगा देखा है तो मैंने कहा- हां देखा तो है, लेकीन कभी जीं भर कर नही देख पाया, ओर वैसे तो adult movies मे कीत्ने बार देखे है लेकीन जो मजा सामने सामने देखने मे है वो मूवी मे कहा, मरे बाते सुनकर वो हसते हुए बोले – बाते तो बहुत अच्छे करते है आप.

मैं कहा की अगर आप जैसे खूबसूरत औरत सामने हो तो बाते खुद ही अच्छी हो जाते है. बाते करते करते स्वाती भाभी का हाथ मेरे गालो से होते हुए मेरे सीने तक आ गया था ओर वो मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए बडे प्यार से बोल – क्या तुमने कभी कीसी के साथ चुदाई की है. स्वाती भाभी के मुह से अचानक चुदाई जैसे शबद सुनकर मैं तो चौक गया, ओर घबरा कर मैंने अपना सर नीचे कर लीया, उसके बाद वो मेरे जान्घो पर हाथ फेरते हुए बोले- मैं बहुत दीनो से अकेली हूँ, क्या आप मेरे साथ देंगे, तब मैंने पहले बार भाभी की आंखो मे आंख डालकर उनके तेरफ देखा सच मे उनके चहरे मे अजीब ही कशिश थी उस वक़्त… मैं बीना कुछ कहे भाभी के चहरे को अपने हाथो से अपने तेरफ खीचते हुए उनको होतो पर कीस कीया, तो उन्होने अपने आंखें बंद करके अपने आप को बिल्कुल free छोड़ दीया, तब मैं समझ गया की आज की रात जनात की सेर करने को मेलेगी… फीर मैं बडे आराम से स्वाती भाभी के होटों को चूसने लगा ओर अपने हाथ उनके बालो मे फेरने लगा मैं बहुत मजे से उनके होतो को चूस रह था फीर भाभी ने धीरे से अपने आंखे खोल दी ओर मेरे मुह मे अपने जीभ देकर बहुत मजे से मेरे होटो को चूसना start कर दीया ओर अपने हाथ से मेरे जाँगो का सहलाने लगे, स्वाती भाभी की nighty बहुत ही हलकी थी जिससे मुझसे उनका पुरा जीस्म अब साफ साफ देख रह था, फीर मैंने अपने हाथ उनके बालो से हटाकर उनकी चुचीयो पर रखकर उनको सहलाने लगा तो वो हलके से आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् जोर से दाबो ओर फीर मैं बीना कुछ कहे उनके चुचीयो को जोर से दबाते हुए उनके nighty के उपर का हीस्सा नीचे कर दीया ओर अब उनके चुचीया मेरे आंखो के सामने थी, बडे बडे चुचीया ओर उसके गुलाबी निप्प्लेस को देखकर तो मैं अपने काबू मे नही रह ओर जल्दी से उनकी चुचियो को अपने होटो से चूसने लगा, पहले तो मैं उनके निप्प्लेस केसाथ खेलता रहा ओर फीर जब मैंने उनकी चूचियों को चूसना start कीया तो वो आआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्छ ओर जोर से चुसो पुरा रस चूस लो , ओर जोर से आआआआऊऊ फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ाआआअ चूसते रहो.

उनके चुचीया इतनी अच्छी थी की क्या बताऊ मैं उनको बहुत देर तक चूसता रह फीर मैं अपना हाथ उनके चुत पर उपर से रखा ओर उनके चुत को हल्का हल्का सहलाने लगा, थोड़े देर मे ही मुझे अह्सास हुआ की उनके चुत गील्ली हो चुकी है फीर मैं बीना time वास्ते किय मैंने पुरी nighty खोल दी, मैं जैसे ही nighty खोलें तो स्वाती भाभी बोल- याहा नही रुम मे चलो याहा कीसी ने देख लिए तो मेरे लिए तो बहुत मुशीबत हो जायेगे.

मैंने कहा ठीख है ओर फीर मैंने उनको अपने गोद मे उठकर अंदर के रुम मे ले गया, अंदर बेड पड़ा था, उसके बगल मे एक टेबल रखे थी जिस पर कुछ adult बुक्स रखे थी, नंगी चुदाई की तस्वीर थी उसमे, तो मैं पूछा की क्या आपने रखे है तो वो बोल नही, सुनील का लंड इतनी जल्दी खड़ा नही होता है तो वो ये देखकर अपना लंड खड़ा करते है ओर फीर २ मिनट मे हलके हो जाते है.

फीर मैं बीना कुछ बोल उनके बेड पर लीटा कर उनके बगल मे जाकर उनके चुचीया फीर से चूसने लगा ओर वो मेरे सर को अपने चुचीयो पर जोर से दबा राहे थी ओर बदबदा राहे थी चूस लू आज पुरा चूस लू आया आआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ चूसते रहो. अब स्वाती भाभी पुरी तेरह से मस्त हो चुकी थी, मैंने बीना time वास्ते कीये उनके चुत को अपने हाथो से सहलाने लगा ओर फीर धीरे से एक ऊँगली उनके चुत के अंदर दाल दीया, उनके चुत पुरी तेरह से गील्ली थी इसलिए मेरे पुरी ऊँगली अन्द्र चले गए फीर मैंने २-३ ऊँगली एक साथ अंदर डाली लेकीन चुत गील्ली होने के वजह से वो भी बडे आराम से अंदर चले गए अब मैं अपने ऊँगली उनके चुत मे अंदर बहार करने लगा तो उन्होने मेरे हाथ को पककर कर रोक दीया तो मैं समझ गया की भाभी कुछ जयादा excited हो गए है फीर मैंने झट से अपना मुह भाभी की सॉफ्ट ओर मुलायम चुत पर रख कर पहले तो चुत के चारो तरफ कीस कीया ओर फीर हलके से जीभ निकालकर भाभी की चुत के छेद पर लाकर उसे चूसने लगा भाभी पुरी excited होकर उन्होने मेरे मुह को अपने चुत पर जोर से दबाते हुए हलके से धक्के मरते हुए बोल जा राहे थी आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह् मजा आ रहा है ऐसे ही चूसते रहो ऊऊऊऊऊऊऊऊफ़्फ़्फ़् फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ओर जोर से ओर जोर से ऊऊऊ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊउ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ चूस लोर मेरे चुत को पुरा रस चूस लो ओर मैं ओर जोर जोर से उनके चुत को चूसने लगा ओर स्वाती भाभी धक्के लगा लगाकर मेरा साथ दी राहे थी तभी अचानक भाभी की धक्ककू की स्पीड तेज हो गए ओर ऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आआआआआआआआआअ आःह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह्ह्छ ओर अपने हाथ से मेरे मुह को अपने चुत मे जोर से दबा दीया ओर फीर देखते ही देखते भाभी हलकी होगअये. उनके चुत से निकलने वाले रस को मैंने बडे मजे से पुरा चूस लीया ओर मैं वह से बहार आकर मैंने अपना मुह धोकर उनके पास गया वो वोइसे ही लेते हुए थी.

मैं उनके बगल मे जा कर लेट गया, फीर वो मेरे तेरफ घूमे ओर मेरे बनियान को मेरे शरेर से अलाग कर दीया ओर मेरे पैजमे को भी अब मेरे लंड पुरी तेरह से तीएट होकर आज़ाद हो गया था, भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथो मे लेते हुए बोल लंड हो तो ऐसे, देखते ही मजा आ गए. ओर फीर वो हलके हलके मेरे लंड को हिलाने लगे. ओर फीर मेरे उपर आकर मेरे सीने पर कीस करने लगे तो मैं ओर भी जयादा excited होकर उनसे लिपट गया पहले वो मेरे सीने पर कीस करते राहे फीर वो कीस करते करते मेरे पेट ओर फीर मेरे जान्जो पर कीस करने लगे ओर फीर मेरे लंड को अपने हाथो से हिलाते हुए अपने मुह के पास ले जाकर मेरे लंड पर एक कीस कर लीया, उनके होटो का स्पर्श पा कर तो मनो मेरा लंड ओर भी जयादा tiet हो गया फीर बडे प्यार से स्वाती ने अपने जीभ बहार निकाल कर मेरे लंड पर फेरने लगे जब वो अपना जीभ मेरे लंड पर फेरे राहे थी तब तो मैं अपने काबू से बहार होने लगा था, तब उन्होने मेरे हालत देखकर मेरे लंड को अपने मुह मे लेकर उसे चूसने लगे, पहले तो उन्होने मेरा आधे लंड को अपने मुह मे लीया फीर मैं एक झटका मारा की मेरा पुरा लंड उनके मुह मे घुस गया ओर वो गूगूऊऊ करने लगे फीर मैंने थोडा से लंड बहार निकला तो भाभी अपने जीभ से मेरे लंड को चूसने लगे अब मेरे कण्ट्रोल खोने लगा था ओर लगा की अब झाड़ जाऊँगा तभी भाभी ने लंड को अपने मुह से निकाल कर मुझे देखते हुए बोल अच्चा लग रहा है या नही.

मैंने कहा बहुत अच्चा लग रहा है ओर फीर मैंने उनको अपने उपर खीच लिए ओर उनके होटो पर जोर से कीस करने लगा ओर फीर उनके अपने नीच करके मैं उनके दोनो पैरो के बीच मे जा कर उनके दोनो पैरो को उठकर अपने कंधे पर रख लिए अब उनके चुत के छेद बिल्कुल मेरे लंड के सामने थी. फीर मैं भाभी की चुत मे पहले २ ऊँगली दाल कर उसे अंदर बहार करने लगा.

फीर मैंने अपने ऊँगली निकालकर उनके चुत के छेद पर अपना लंड रखकर के जोर का ढककर मर तो मेरा पुरा लंड भाभी की चुत मे चला गया ओर जोर से चिल्ला उठी ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआ आआआ मर्र्र्र्र्र्र्र्र गए ऊऊऊऊऊऊऊऊऊउ ऊऊऊउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आआआआआआआआआअ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ हा मर गए मैं, मैंने फीर जोर का एक झटका ओर मारा ओर अपने लंड को उनके चुत मे अंदर डालकर २ मिनट ऐसे ही रूक गया ओर वो आआआआआआआ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्हाआआआआआअ आआआआआआआआ अ फीर वो धीरे धीरे सिसकने लगे व्व्व्व्व्व्व्व्व्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ अआया उसके बाद मैंने अपने लंड को थोडा सा बहार निकालकर फीर से जथका मारा तो भाभी कह उठे हां दीपक फाड़ दो मेरे चुत को आज, २ महीने से प्यासी हू मेरे चुत के प्यास भुजा दो साहिल, ओर जोर से चोदो मेरे चुत को, ये सुनकर मेरे अंदर ओर जोश आ गया ओर मैं ओर जोर से उनके चुत को चोदने लगा ओर स्वाती भी अपना क़मर उठा उठा कर मेरा साथ देने लगे फीर थोड़े देर बाद उन्केकमर उपर उठाने के स्पीड बहुत तेज होकर बंद हो गए तो मैं समझ गया की स्वाती झाड़ चुकी है लेकीन मैं नही झादा था ओर मैं जोर जोर से उनके चुत मे अपना लंड अंदर बहार करने लगा ओर फीर थोड़े देर बाद मैं भी झड़ने के stage मे आ गया तो मैंने उनसे कहा की मैं झड़ने वाला हू तो उन्होने कहा की कोई बात नही अपना वीर्य मेरे चुत मे ही गिरा दो ओर फीर मैं देखते ही देखते झाड़ गया. झड़ने के बाद २-४ मिनट तक तो मैं उनके उपर ही लेता रहा फीर उठाकर बागला मे आकर लेट गया तो स्वाती तो अपने जीभ से मेरे लंड को साफ कीया ओर फीर वो बाथरूम चले गए. मैं वोही थोड़े देर तक तो लेता रहा ओर जब स्वाती आये तो मैंने कहा की मैं अब अपने छत पर जा रहा हूँ ओर जब घड़ी की तेरफ देखा तो ३.३० बजे थी.
ओर मैं अपने छत पर जाने लगा तो स्वाती ने कहा की आप रोज रात मे छत पर ही सोते है. मैंने कहा कभी कभी आ जता हूँ. तो वो बोल कल फीर आना रात को छत पर तो मैंने कहा थिक है लेकीन मेरे एक बात मानेंगे, तो स्वाती बोल क्या- मैंने कहा की जब आपके चुत इतनी मस्त है तो आपके गांड कैसे होगे, मैं आपके गांड भी मरना छटा हूँ तो हस कर बोल-बस इतनी से बात तो मैंने कहा की क्या सुनील भाई ने कभी आपके गांड मरे है तो वो बोल अरे वो ठीख से छोड़ तो पाते नही है तो गांड क्या मरेंगे. ओर ये कहते हुए मुझे अपने तेरफ खीच कर मेरे होटो पर कीस कर लिए.

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